जौ प्रभु कौं प्यारौ लगै, सोई प्यारौ मोहि।सुन्दर ऐसैं समुझि करि, यौं पतिबरता होहि॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
झूठौ धन झूठौ धाम झूठौ कुल झूठौ कामसुंदरदासकविताझूठौ धन झूठौ धाम झूठौ कुल झूठौ कामसुंदरदास२ मिनट का पाठ
बैरी घर मांहि तेरे जानत सनेही मेरेसुंदरदासकविताबैरी घर मांहि तेरे जानत सनेही मेरेसुंदरदास२ मिनट का पाठ