मधुकर ब्याकुल फिरत चहुँ, थिरत न कोउ कलीनजमालकवितामधुकर ब्याकुल फिरत चहुँ, थिरत न कोउ कलीनजमाल२ मिनट का पाठ
नितहिं ननद मुख निरखि सखि, अँखिया भरि-भरि लेतजमालकवितानितहिं ननद मुख निरखि सखि, अँखिया भरि-भरि लेतजमाल२ मिनट का पाठ