हरि रस माते जे रहैं, तिन को मतो अगाधदयाबाईकविताहरि रस माते जे रहैं, तिन को मतो अगाधदयाबाई२ मिनट का पाठ
पद्मासन सूँ बैठ करि, अंतर दृष्टि लगावदयाबाईकवितापद्मासन सूँ बैठ करि, अंतर दृष्टि लगावदयाबाई२ मिनट का पाठ