नासा आगे दृष्टि धरि, स्वाँसा में मन राखदयाबाईकवितानासा आगे दृष्टि धरि, स्वाँसा में मन राखदयाबाई२ मिनट का पाठ
श्री गोबिंद के गुनन तेहिं, भनत रहौ दिन-रैनदयाबाईकविताश्री गोबिंद के गुनन तेहिं, भनत रहौ दिन-रैनदयाबाई२ मिनट का पाठ