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कागद को-सो पूतरा, सहजहिं में घुलि जाय

दोहा · लगभग २ मिनट
कागद को-सो पूतरा, सहजहिं में घुलि जाय।रहिमन यह अचरज लखौ, सोऊ खैंचत बाय॥३१॥

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