मेरी सूचीपढ़ना शुरू करें

सघन कुँज अमरैआ, सीतल छाँहि

बरवै · लगभग २ मिनट

वचन-चतुर नायक

सघन कुँज अमरैआ, सीतल छाँहि।झगरति आइ कोइलिआ, फिरि उड़ि जाहि॥११३॥

अब कुछ और पढ़ें