बिजना हाँकति चतुर तिय, त्यों-त्यों बढ़ि हिय ज्वाल।पुनि मनहिं मन गुनति कछु, कारण कवन जमाल॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
नैन किलकिला पंख पल, थिरकि तरुणि तन ताल!जमालकवितानैन किलकिला पंख पल, थिरकि तरुणि तन ताल!जमाल२ मिनट का पाठ