चलत पाइ निगुनी गुनी, धनु मनि-मुत्तिय-मालबिहारीकविताचलत पाइ निगुनी गुनी, धनु मनि-मुत्तिय-मालबिहारी२ मिनट का पाठ
चलत-चलत लौं लै चलैं, सब सुख संग लगाइबिहारीकविताचलत-चलत लौं लै चलैं, सब सुख संग लगाइबिहारी२ मिनट का पाठ