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ऊँचे घोर मंदर के अंदर रहनवारी

कवित्त · लगभग २ मिनट
ऊँचे घोर मंदर के अंदर रहनवारी ऊँचे घोर मंदर के अंदर रहाती हैं।कंद मूल भोग करैं कंद मूल भोग करैं तीन बेर खातीं ते वै तीन बेर खाती हैं।भूषन सिथिल अंग भूषन सिथिल अंग बिजन डुलातीं ते वै बिजन डुलाती हैं।भूषन भनत सिवराज बीर तेरे त्रास नगन जड़ातीं ते वै नगन जड़ाती हैं॥

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