सहज सचिक्कन, स्याम रुचि, सुचि, सुगंध, सुकुमार।गनतु न मनु पथु अपथु, लखि बिथुरे सुथरे बार॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
हरि हरि! बरि बरि उठति है, करि-करि थकी उपाइबिहारीकविताहरि हरि! बरि बरि उठति है, करि-करि थकी उपाइबिहारी२ मिनट का पाठ