सतगुर बपुरा क्या करै, जे सिपही मांहै चूक।भावै त्यूं प्रमोधि ले, ज्यूं बँसि बजाई फूंक॥२१॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
हिंदू तुरक कहाँ ते आये किन एह राह चलाईकबीरकविताहिंदू तुरक कहाँ ते आये किन एह राह चलाईकबीर२ मिनट का पाठ