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जहाँ-जहाँ बच्छा फिरै, तहाँ-तहाँ फिरे गाय

दोहा · लगभग २ मिनट
जहाँ-जहाँ बच्छा फिरै, तहाँ-तहाँ फिरे गाय।कहैं मलूक जहाँ संत जन, तहाँ रमैया जाय॥

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