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कबीर गुर गरवा मिल्या, रलि गया आटै लूण

साखी · लगभग २ मिनट
कबीर गुर गरवा मिल्या, रलि गया आटै लूण।‘जाति पाँति कुल सब मिटे, नाँव धरौगे कौंण॥१४॥

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