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ब्रह्मादिक इंद्रादि पुनि, सुन्दर बंछहिं देव

दोहा · लगभग २ मिनट
ब्रह्मादिक इंद्रादि पुनि, सुन्दर बंछहिं देव।मनसा बाचा कर्मना, करि संतनि की सेव॥

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