मेरी सूचीपढ़ना शुरू करें

मन! माधवको नेकु निहारहि

पद · लगभग २ मिनट
मन! माधवको नेकु निहारहि।सुनु सठ, सदा रंकके धन ज्यो, छिन-छिन प्रभुहिं सँभारहि ॥ १ ॥सोभा-सील-ग्यान-गुन-मंदिर, सुंदर परम उदारहि।रंजन संत, अखिल अघ-गंजन, भंजन बिषय-बिकारहि ॥ २ ॥जो बिनु जोग-जग्य-ब्रत-संयम गयो चहै भव-पारहि।तौ जनि तुलसिदास निसि- बासर हरि-पद कमल बिसारहि ॥ ३ ॥

अब कुछ और पढ़ें