ब्रह्मा ऊपर हंस चढि, कियौ गगन दिशि गौन।गरुड चढ्यौ हरि पीठि पर, सुन्दर मांनै कौंन॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
बालू मांहि तेल नहिं निकसत काहू बिधिसुंदरदासकविताबालू मांहि तेल नहिं निकसत काहू बिधिसुंदरदास२ मिनट का पाठ