रजा राम की सीस पर, आज्ञा मेटै नांहिं।ज्यौं राखै त्यौं ही रहै, सुन्दर पतिब्रत मांहिं॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
बैरी घर मांहि तेरे जानत सनेही मेरेसुंदरदासकविताबैरी घर मांहि तेरे जानत सनेही मेरेसुंदरदास२ मिनट का पाठ