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कबीर नौबति अपणीं, दिन दस लेहु बजाइ

साखी · लगभग २ मिनट
कबीर नौबति अपणीं, दिन दस लेहु बजाइ।ए पुर पटन ए गली, बहुरि न देखौ आइ॥१॥

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