जेहिं रहीम तन-मन दियो, कियो हिए बिच भौन।तासों दुख-सुख कहन की, रही बात अब कौन॥६१॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
चूल्हा दीन्हो बारि, नातो रह्यो सो जरि गयोरहीमकविताचूल्हा दीन्हो बारि, नातो रह्यो सो जरि गयोरहीम२ मिनट का पाठ