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गुन ते लेत रहीम जन, सलिल कूप ते काढ़ि

दोहा · लगभग २ मिनट
गुन ते लेत रहीम जन, सलिल कूप ते काढ़ि।कूपहुँ ते कहुँ होत हैं, मन काहू के बाढ़ि॥४६॥

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