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रहिमन वे नर मरि चुके, जे कहुँ माँगन जाहिं

दोहा · लगभग २ मिनट
रहिमन वे नर मरि चुके, जे कहुँ माँगन जाहिं।उनते पहिले वे मरे, जिन मुख निकसत नाहिं॥१७०॥

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