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जो घरही मैं घुसि रहैं, कदली सुवन सुडील

दोहा · लगभग २ मिनट
जो घरही मैं घुसि रहैं, कदली सुवन सुडील।तो रहीम तिनते भले, पथके अपत करील॥८०॥

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