मेरी सूचीपढ़ना शुरू करें

कोमल कपोल निवि ढंकन के अंक देषो

कवित्त · लगभग २ मिनट
कोमल कपोल निवि ढंकन के अंक देषो,शीश कंज बिंद को शशंक वारि दीजियै।देत हूँके बास कंत दंत निवि षंडित है,अंजन की रेष देषि आपैं मुष लीजियै।नैना गिरिधारी जैसी हाथन संवारी परै,पीक हूँ की लीक ऐसी कैसें कै पतीजियै।प्यारे प्राननाथ परजंक तैं उठाई लेउ,आरसी के लषिबे कौं आरस न कीजियै॥

अब कुछ और पढ़ें