इन में क्या लीजै क्या दीजै, जनम अमोलिक छीजै॥सोवत सुपना होई, जागे थैं नहिं कोई।मृग तृष्ण जल जैसा, चेति देखि जग ऐसा॥बाजी भरम दिखावा, बाजीगर डहकावा।दादू संगू तेरा, कोई नहीं किस केरा॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
जीव ब्रह्म सेवा करै, ब्रह्म बराबरि होइदादू दयालकविताजीव ब्रह्म सेवा करै, ब्रह्म बराबरि होइदादू दयाल२ मिनट का पाठ
दादू गाफिल छो वतै, मंझे रब्ब निहारदादू दयालकवितादादू गाफिल छो वतै, मंझे रब्ब निहारदादू दयाल२ मिनट का पाठ
मन माला तहँ फेरिये, जहँ दिवस न परसै रातदादू दयालकवितामन माला तहँ फेरिये, जहँ दिवस न परसै रातदादू दयाल२ मिनट का पाठ