२—खण्डिता · मुग्धा-खण्डिता सखि-सिख सीखि नबेलिआ, कीन्हेसि मान।पिय लखि कोप भवनवाँ, ठानेसि ठान॥४२॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
चूल्हा दीन्हो बारि, नातो रह्यो सो जरि गयोरहीमकविताचूल्हा दीन्हो बारि, नातो रह्यो सो जरि गयोरहीम२ मिनट का पाठ