मुख्य पाठ पर जाएँ
लेखक, शीर्षक, विधा, संग्रह या पाठ खोजें
Roman में लिखें, हिंदी सुझाव चुनें।
मेरी सूची
पढ़ना शुरू करें
लेखक, शीर्षक, विधा, संग्रह या पाठ खोजें
Roman में लिखें, हिंदी सुझाव चुनें।
खोजें और पढ़ें
कहानियाँ
कविताएँ
उपन्यास
निबंध
रस से पढ़ें
लेखक
संग्रह
हाशिया
कविता
तोरेसि नाक नथुनिआ, मित हित नीक
रहीम
बरवै · लगभग २ मिनट
वचन-विदग्धा
तोरेसि नाक नथुनिआ, मित हित नीक।
कहेसि नाक पहिरावहु, चित दै सींक॥१९॥
॥
साझा करें
सहेजें
अ−
अ+
पिछला
तै अब जासि बेइलिआ, जरि-बरि मूल
अगला
तौं लगि मिटै न मितवा, तनकी पीर
अब कुछ और पढ़ें
सीस नवाइ नबेलिया, निचवा जोइ
रहीम
कविता
सीस नवाइ नबेलिया, निचवा जोइ
रहीम
२ मिनट का पाठ
हँसि-हँसि हेरि अरसिआ, सहज सिंगार
रहीम
कविता
हँसि-हँसि हेरि अरसिआ, सहज सिंगार
रहीम
२ मिनट का पाठ
इक नाहीं इक पीर, हिय रहीम होती रहै
रहीम
कविता
इक नाहीं इक पीर, हिय रहीम होती रहै
रहीम
२ मिनट का पाठ