सहज सुन्नि मन राखिये, इन दून्यूँ के माहिंदादू दयालकवितासहज सुन्नि मन राखिये, इन दून्यूँ के माहिंदादू दयाल२ मिनट का पाठ
रँग भरि खेलौं पिउ सौं, तहँ बाजै बेन रसालदादू दयालकवितारँग भरि खेलौं पिउ सौं, तहँ बाजै बेन रसालदादू दयाल२ मिनट का पाठ