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मंद मंद डोलत अनंदभरी मंदिर में

कवित्त · लगभग २ मिनट
मंद मंद डोलत अनंदभरी मंदिर में,गौन देखि प्यारी को गयंद तरसत है।रंगदार बसन बिभूषन सिंगार संग,अंग-अंग जोबन उमंग परसत है।सेखर सुधा से सने सौगुने रसीले बैन,नैनन में कुटिल कटाइ दरसत है।मेरी कही मानो सुनो अरुन सरोजन ते,ओज वारे सायक मनोज बरसत हैं॥

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