मंद मंद डोलत अनंदभरी मंदिर में,गौन देखि प्यारी को गयंद तरसत है।रंगदार बसन बिभूषन सिंगार संग,अंग-अंग जोबन उमंग परसत है।सेखर सुधा से सने सौगुने रसीले बैन,नैनन में कुटिल कटाइ दरसत है।मेरी कही मानो सुनो अरुन सरोजन ते,ओज वारे सायक मनोज बरसत हैं॥

मंद मंद डोलत अनंदभरी मंदिर में
चंद्रशेखर वाजपेयीकवित्त · लगभग २ मिनट