मेरी सूचीपढ़ना शुरू करें

लखि मृगाँक गति नित की नित, मृग नैनी मुसकाय

दोहा · लगभग २ मिनट
लखि मृगाँक गति नित की नित, मृग नैनी मुसकाय।या में अचरज कौन है, कह जमाल समुझाय॥

अब कुछ और पढ़ें