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माया की झल जग जल्या, कनक कॉमिणीं लागि

साखी · लगभग २ मिनट
माया की झल जग जल्या, कनक कॉमिणीं लागि।कहू, धौं, किहि विधि राखिए, रूई पलेटी आगि॥३२॥

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