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त्रिपुर अटाँ चढ़ि चाह भरि, बीन बजावति बाल

दोहा · लगभग २ मिनट
त्रिपुर अटाँ चढ़ि चाह भरि, बीन बजावति बाल।उतरि चंद चमक लख, कारण कवन जमाल॥

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