राम नाम नहिं छाड़ौं भाई।प्राण तजौं निकट जिव जाई॥रती-रती करि डारै मोहिं।जरै सरीर न छाड़ौं तोहि॥भावै ले सिर करवत दे।जीवन मूरि न छाड़ौं ते॥पावक मैं ले डारै मोहिं।जरै सरीर न छाड़ौं तोहि॥इब दादू ऐसी बनि आई।मिलौं गोपाल निसाण बजाई॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
पासै बैठा सब सुनै, हम कौं ज्वाब न देइदादू दयालकवितापासै बैठा सब सुनै, हम कौं ज्वाब न देइदादू दयाल२ मिनट का पाठ
अपना भंजन भरि लिया, उहाँ उता ही जाणिदादू दयालकविताअपना भंजन भरि लिया, उहाँ उता ही जाणिदादू दयाल२ मिनट का पाठ
जीव ब्रह्म सेवा करै, ब्रह्म बराबरि होइदादू दयालकविताजीव ब्रह्म सेवा करै, ब्रह्म बराबरि होइदादू दयाल२ मिनट का पाठ