घटै बढ़ै निकसै छपै, ससि कपटी की पीतजान कविकविताघटै बढ़ै निकसै छपै, ससि कपटी की पीतजान कवि२ मिनट का पाठ
तीन भाँति के द्रुजन हैं पंडित कहत बिचित्रजान कविकवितातीन भाँति के द्रुजन हैं पंडित कहत बिचित्रजान कवि२ मिनट का पाठ
सदा झूठहीं बोलिहैं, तिहि आदर घटि जाइजान कविकवितासदा झूठहीं बोलिहैं, तिहि आदर घटि जाइजान कवि२ मिनट का पाठ