नैन किलकिला पंख पल, थिरकि तरुणि तन ताल!निरखि पर्यो बिबि मीन तकि, फिर निकस्यौ न जमाल॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
बिजना हाँकति चतुर तिय, त्यों-त्यों बढ़ि हिय ज्वालजमालकविताबिजना हाँकति चतुर तिय, त्यों-त्यों बढ़ि हिय ज्वालजमाल२ मिनट का पाठ
कोयल की धुनि सुनत मन, गुनति मुदित ह्वै बालजमालकविताकोयल की धुनि सुनत मन, गुनति मुदित ह्वै बालजमाल२ मिनट का पाठ