बुद्धि भ्रमै मन चित्त पुनि, अहंकार बहु भाइ।सुन्दर ये तौ तैं भ्रमै तूं, क्यौं इनि संग जाइ॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
झूठे हाथी झूठे घोरा झूठे आगे झूठा दौरासुंदरदासकविताझूठे हाथी झूठे घोरा झूठे आगे झूठा दौरासुंदरदास२ मिनट का पाठ
बैरी घर मांहि तेरे जानत सनेही मेरेसुंदरदासकविताबैरी घर मांहि तेरे जानत सनेही मेरेसुंदरदास२ मिनट का पाठ