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देह भिन्न हौं भिन्न हौं, जब यह करै बिबेक

दोहा · लगभग २ मिनट
देह भिन्न हौं भिन्न हौं, जब यह करै बिबेक।सुन्दर जीव न पाइये, होइ एक कौ एक॥

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