अपने नहिं होत पराए पियाठाकुर बुंदेलखंडीकविताअपने नहिं होत पराए पिया
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२९ रचनाएँ

अपने नहिं होत पराए पियाठाकुर बुंदेलखंडीकविता
रोज न आइयै जौ मन मोहनठाकुर बुंदेलखंडीकविता
बरुनीन में नैन झुकैं झलकैंठाकुर बुंदेलखंडीकविता
ऊधौ जू भागि हमारे लटेठाकुर बुंदेलखंडीकविता
येई हैं वे बृजभानुसुताठाकुर बुंदेलखंडीकविता
लहरैं उठें अंग उमंगन कीठाकुर बुंदेलखंडीकविता
होरी की हौंस हमें ना कछूठाकुर बुंदेलखंडीकविता
यह को है कहाँ को न जानिये चीन्हियेठाकुर बुंदेलखंडीकविता
धिक् कान जो दूसरी बात सुनैंठाकुर बुंदेलखंडीकविता
जब तें दरसे मनमोहन जूठाकुर बुंदेलखंडीकविता
मोतिन कैसी मनोहर मालठाकुर बुंदेलखंडीकविता
लगी अंतर में करै बाहिर कोठाकुर बुंदेलखंडीकविता
प्रानन प्रेम की गाँस नहींठाकुर बुंदेलखंडीकविता
घरहीं घर घैरु करैं घरहाइनेंठाकुर बुंदेलखंडीकविता
का करियै तुम्हारे मन कोठाकुर बुंदेलखंडीकविता
अपने-अपने निज गेहन मैंठाकुर बुंदेलखंडीकविता
काहे अरे मन साहस छाँडतठाकुर बुंदेलखंडीकविता
हम तौ पर नारि भई सो भईंठाकुर बुंदेलखंडीकविता
पिय प्यार करैं जेहि पैठाकुर बुंदेलखंडीकविता
आइ जुरीं बिजुरी सी कितेकउठाकुर बुंदेलखंडीकविता
यह चारहूँ ओर उदौ मुखचंद कीठाकुर बुंदेलखंडीकविता
देह मेरी छूटै पै न छूटै मोह मोहन सौंठाकुर बुंदेलखंडीकविता
राम मेरे पंडित अखंडित सुदिन सोधैंठाकुर बुंदेलखंडीकविता
सामिल हो पीर मैं सरीर में न राखै भेदठाकुर बुंदेलखंडीकविता
को हौ जोतिसी हैं कछू जोतिसै बिचारत हौठाकुर बुंदेलखंडीकविता
कारे लाल पीरे धौरे धावत धुँवाँ के रंगठाकुर बुंदेलखंडीकविता
सेवक सिपाही हम उन रजपूतन केठाकुर बुंदेलखंडीकविता
प्रनव प्रसिध्ध आदिमंगल महोदधि सोठाकुर बुंदेलखंडीकविता
झूम देइ झूला में झुलावती जसोदा माइठाकुर बुंदेलखंडीकविता