मुख्य पाठ पर जाएँ
लेखक, शीर्षक, विधा, संग्रह या पाठ खोजें
Roman में लिखें, हिंदी सुझाव चुनें।
मेरी सूची
पढ़ना शुरू करें
लेखक, शीर्षक, विधा, संग्रह या पाठ खोजें
Roman में लिखें, हिंदी सुझाव चुनें।
खोजें और पढ़ें
कहानियाँ
कविताएँ
उपन्यास
निबंध
रस से पढ़ें
लेखक
संग्रह
हाशिया
कविता
भक्तन सों अभिमान
ध्रुवदास
सोरठा · लगभग २ मिनट
भक्तन सों अभिमान, प्रभुता भय न कीजिए।
मन बच निहचै जान, इहि सम नहिं अपराध कछु॥
॥
साझा करें
सहेजें
अ−
अ+
पिछला
सीस फूल झलकान छबि
अगला
तब पावै रस सार
अब कुछ और पढ़ें
ऐसे हिय में बसत रहौ
ध्रुवदास
कविता
ऐसे हिय में बसत रहौ
ध्रुवदास
२ मिनट का पाठ
नवल रँगीले लाल दोउ
ध्रुवदास
कविता
नवल रँगीले लाल दोउ
ध्रुवदास
२ मिनट का पाठ
वृंदा बिपिन निमित्त गहि
ध्रुवदास
कविता
वृंदा बिपिन निमित्त गहि
ध्रुवदास
२ मिनट का पाठ