मेरी सूचीपढ़ना शुरू करें

वृंदा बिपिन निमित्त गहि

कुंडली · लगभग २ मिनट
वृंदा बिपिन निमित्त गहि, तिथि बिधि मान आन।भजन तहाँ कैसे रहै, खोयो अपने पान॥खोयो अपने पान, मूढ़ कछु समुझत नाहीं।चंद्रमणिहिं लै गुहै, कांच के मानियनि माहीं॥जमुना पुलिन निकुंज घन, अद्भुत है सुख को सदन।खेलत लाड़िली लाल, जहँ ऐसो है वृंदा विपिन॥

अब कुछ और पढ़ें