मेरी सूचीपढ़ना शुरू करें

सुन्दर बिरहनी मरि रही, कहूँ न पइये जीव

दोहा · लगभग २ मिनट
सुन्दर बिरहनी मरि रही, कहूँ न पइये जीव।अमृत पान कराइ कै, फेरि जिवावै पीव॥

अब कुछ और पढ़ें