मारुत सुत, अलि, हंस अरु, लिख मंदिर रंग स्वेत।चौरँग पौढ़ी चतुर तिय, कह जमाल किहि हेत॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
बिजना हाँकति चतुर तिय, त्यों-त्यों बढ़ि हिय ज्वालजमालकविताबिजना हाँकति चतुर तिय, त्यों-त्यों बढ़ि हिय ज्वालजमाल२ मिनट का पाठ