आपे पावक आपे पवना। जारै खसम त राखै कवना।राम जपतु तनु जरि किन जाइ। राम नाम चित रह्या समाइ॥काको जरै काहि होइ हानि। नटवर खेलै सारिंगपानि॥कहु कबीर अक्खर दुइ भाखि। होइगा खसम त लेइगा राखि॥17॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+