मेरी सूचीपढ़ना शुरू करें

हीरै हीरा बेधि पवन मन सहजे रह्या समाई

पद · लगभग २ मिनट
हीरै हीरा बेधि पवन मन सहजे रह्या समाई।सकल जोति इन हीरै बेधी सतिगुरु बचनी मैं पाई॥हरि की कथा अनाहद बानी हंस ह्नै हीरा लेइ पछानी॥कह कबीर हीरा अस देख्यो जग महि रह्या समाई॥गुपता हीरा प्रकट भयो जब गुरु गम दिया दिखाई॥220॥

अब कुछ और पढ़ें