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कुंजतें निकसु दोऊ ठाढ़े जमुना के तीर

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कुंज तें निकसु दोऊ ठाढ़े जमुना के तीर,आजु सखी औरे भांति प्रिया रंग भरी है।निशि के चिन्हनि चितै मुसकाति रस निधि,बहु विधि सुख केलि रंग रस ढरी है॥देखैं ध्रुव छबि सींवा मृदु भुज मेलै ग्रीवा,हँसी भौंरी मोरा मृगी ठौर ते न टरी है।हरी-हरी लाल-लाल पीत-सेत सारी तन,पहिरे सहेली सबै चित्र की-सी खरी है॥

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