खंदक खास बुखार पुनि, बहुरि भरहिं घर हाट।सुन्दर प्रभु पेट न भरहिं, भरियहि कोठी माट॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
झूठौ जग एन सुन नित्य गुरु बैन देषेसुंदरदासकविताझूठौ जग एन सुन नित्य गुरु बैन देषेसुंदरदास२ मिनट का पाठ
झूठौ धन झूठौ धाम झूठौ कुल झूठौ कामसुंदरदासकविताझूठौ धन झूठौ धाम झूठौ कुल झूठौ कामसुंदरदास२ मिनट का पाठ