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काह कामरी पामरी, जाड़ु गए ते काज

दोहा · लगभग २ मिनट
काह कामरी पामरी, जाड़ु गए ते काज।रहिमन भूख बुझाइए, कैसो मिलै अनाज॥३४॥

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