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सुन्दर धीरज धारि तूं, गहि प्रभु कौं बिश्वास

दोहा · लगभग २ मिनट
सुन्दर धीरज धारि तूं, गहि प्रभु कौं बिश्वास।रिजक बनायौ रामजी, आवै तेरै पास॥

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