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कैसे रचौं पिय पास विलास

सवैया · लगभग २ मिनट
कैसे रचौं पिय पास विलास ‘कुमार’ हुलासनि को सुख लूटै।रूप अनूपम देख्यौ चहौं सखि! संग को नेह नहीं हिय टूटै।मान को मोचन मोहन देखत लोचन को तो संकोच न छूटै।कौन इलाज करौ इहि लाज को जोबिन काज मनोरथ खूटै॥

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