पतिब्रत ही मैं योग है, पतिव्रत ही मैं जाग।सुन्दर पतिब्रत राम सौं, वहै त्याग बैराग॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
झूठे हाथी झूठे घोरा झूठे आगे झूठा दौरासुंदरदासकविताझूठे हाथी झूठे घोरा झूठे आगे झूठा दौरासुंदरदास२ मिनट का पाठ