सुन्दर काल गिराइ दे, एक पलक मैं आइ।तूं क्यौं निर्भय ह्वै रह्यौ, देखि चल्यौ जग जाइ॥ ॥साझा करेंसहेजेंअ−अ+
झूठौ धन झूठौ धाम झूठौ कुल झूठौ कामसुंदरदासकविताझूठौ धन झूठौ धाम झूठौ कुल झूठौ कामसुंदरदास२ मिनट का पाठ
झूठौ जग एन सुन नित्य गुरु बैन देषेसुंदरदासकविताझूठौ जग एन सुन नित्य गुरु बैन देषेसुंदरदास२ मिनट का पाठ